रायपुर, 27 मई 2026 प्रदेश में अंतिम व्यक्ति तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘सुशासन एक्सप्रेस’ ग्राम...

रायपुर, 27 मई 2026

प्रदेश में अंतिम व्यक्ति तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘सुशासन एक्सप्रेस’ ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों के लिए बड़ी उम्मीद बनकर उभरी है। जिला प्रशासन द्वारा नारायणपुर जिले के विभिन्न स्थानों में आयोजित विशेष शिविरों और अभियानों के माध्यम से अब ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी प्रमाण पत्रों, कार्डों और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ सीधे उनके गांव में ही मिल रहा है। प्रशासन के इस कदम से लोगों के समय और आर्थिक संसाधनों की बड़ी बचत हो रही है।
18 हजार से अधिक आवेदनों का त्वरित निराकरण
जिला प्रशासन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, 25 मई 2026 तक सुशासन एक्सप्रेस के माध्यम से कुल 27 हजार 712 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से प्रशासन की सजगता के चलते 18 हजार 431 आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है, जबकि शेष 9 हजार 281 आवेदन वर्तमान में प्रक्रियाधीन हैं। कई मामलों में शिविर स्थल पर ही त्वरित निराकरण कर ग्रामीणों को तुरंत राहत पहुंचाई जा रही है।
एक ही छत के नीचे मिल रहीं ढेरों सुविधाएं
सुशासन एक्सप्रेस शिविरों में नागरिकों की सहूलियत के लिए विभिन्न विभागों की सेवाओं को एक जगह केंद्रित किया गया है। अब तक 10 हजार 682 आधार कार्ड एमबीयू (मैंडेटरी बायोमेट्रिक अपडेट) और 2 हजार 601 नए और संशोधित किये गए है। इसी तरह 4 हजार 068 आयुष्मान कार्ड जारी किए गए और 1 हजार 524 नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं दी गईं है। शिविरों में निर्वाचन फॉर्म-6 से संबंधित 3 हजार 795 आवेदनों का निष्पादन किया गया है। इसके साथ ही 816 जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, 737 राशन कार्ड और 818 नए बैंक खाते खोले गए।पीएम सम्मान निधि के 282 प्रकरणों का निराकरण किया गया।किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), ऋण पुस्तिका, कृषि यंत्र, पीएम किसान योजना का लाभ और ई-केवाईसी (e-KYC) जैसी जरूरी सुविधाएं भी मौके पर ही दी जा रही हैं।
वनांचल और दूरस्थ गांवों में विशेष फोकस
प्रशासन द्वारा जिले के उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है जहां से लोगों को जिला मुख्यालय या शासकीय कार्यालयों तक आने में कठिनाई होती थी। वर्तमान में सुदूर वनांचल के ग्राम आदनार, बम्हनी, कुतुल, गुदाड़ी, आमासरा, नेलवाड़, पोचावाड़ा, ओरछा, मालिंगनार, बागबेड़ा, धुरबेड़ा, कोलियारी, कच्चापाल, बड़ेजम्हरी और घमंडी सहित कई अंदरूनी गांवों में लगातार शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
बदली व्यवस्था, बढ़ा विश्वास
पहले जिन बुनियादी कार्यों और प्रमाण पत्रों के लिए ग्रामीणों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे, अब वे कार्य सुशासन एक्सप्रेस के जरिए उनके घर के पास ही आसानी से पूरे हो रहे हैं। इस पारदर्शी और त्वरित व्यवस्था ने न केवल प्रशासन की कार्यप्रणाली को गति दी है, बल्कि शासन के प्रति आम जनता के विश्वास को भी और अधिक मजबूत किया है।

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